सही समय आपके खेत और किस्म से तय होगा
गेहूँ की बुवाई की तैयारी में चार बातें पहले तय करें: आपका उत्पादन क्षेत्र, बुवाई की परिस्थिति, उपलब्ध पानी और उपयुक्त किस्म। पूरे भारत के लिए एक तारीख, बीज मात्रा या सिंचाई की संख्या बताना उपयोगी नहीं है। धान कटने में देरी, खेत की नमी और सिंचाई की विश्वसनीयता बदलने पर तैयारी भी बदलती है।
इस गाइड का उद्देश्य बीज खरीदने और मशीन बुक करने से पहले सही सवाल सामने रखना है। अपने जिले की वर्तमान सलाह और चयनित किस्म के निर्देश से अंतिम बुवाई योजना मिलाएँ।
छत्तीसगढ़ के लिए कौन-सा क्षेत्र देखें?
ICAR-IIWBR की क्षेत्रवार किस्म सूची में छत्तीसगढ़ मध्य क्षेत्र यानी Central Zone में आता है। उसी सूची में जल्दी, समय पर और अलग सिंचाई परिस्थितियों के लिए वर्गीकरण मिलता है। पंजाब में सफल बताई गई किस्म को केवल अधिक उपज के प्रचार के आधार पर छत्तीसगढ़ के हर खेत के लिए न चुनें।
IIWBR के किस्म संकलन में भी उत्पादन परिस्थितियाँ अलग दी गई हैं। उदाहरण के लिए छत्तीसगढ़ की कुछ किस्मों की प्रविष्टियाँ समय पर बुवाई और सीमित सिंचाई की परिस्थिति से जुड़ी हैं। अधिसूचित होना, किसी स्थानीय दुकान में अभी बीज उपलब्ध होने का प्रमाण नहीं है।
पानी की स्थिति पहले स्पष्ट करें
- सिंचाई उपलब्ध खेत: केवल पंप होने की बात न लिखें। बिजली, पानी का स्रोत और आवश्यक समय पर खेत तक पानी पहुँचने की व्यवस्था जाँचें।
- सीमित सिंचाई वाला खेत: कितने अवसर पर पानी वास्तव में उपलब्ध रहेगा, इसे स्थानीय विशेषज्ञ को स्पष्ट बताएँ। इसी परिस्थिति के लिए उपयुक्त किस्म और योजना पूछें।
- वर्षा पर निर्भर खेत: बची मिट्टी की नमी देखकर तथा स्थानीय rainfed सलाह लेकर फसल का चुनाव करें। पड़ोसी के सिंचित खेत वाली योजना अपने खेत पर लागू न करें।
पानी अनिश्चित है तो केवल संभावित अच्छे भाव के कारण गेहूँ चुनने के बजाय धान के बाद रबी फसल के विकल्प भी देखें। यह तुलना खेती की स्थानीय उपयुक्तता के बाद करें।
बुवाई की तारीख कैसे चुनें?
अपने जिले की कृषि सलाह में देखिए कि आपका मामला समय पर बुवाई का है या देर से बुवाई का। फिर चयनित किस्म की अनुशंसित परिस्थिति से मिलाएँ। धान कटाई देर से होने पर केवल बीज बढ़ा देना किस्म और मौसम की पूरी समस्या का समाधान नहीं है।
IIWBR की गेहूँ advisory सूची में तारीख के अनुसार बुलेटिन मिलते हैं। पुराना बुलेटिन तैयारी का संदर्भ हो सकता है, पर उसे वर्तमान मौसम का आदेश न मानें। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र को जिला, पिछली फसल, संभावित बुवाई तारीख और पानी की स्थिति बताकर सलाह लें।
बीज खरीदने से पहले पाँच जाँच
- किस्म का पूरा नाम और आपके उत्पादन क्षेत्र के लिए उसकी अनुशंसित परिस्थिति।
- बीज का लेबल, lot विवरण, उपलब्ध गुणवत्ता जानकारी और खरीद की रसीद।
- खेत का सही क्षेत्रफल; एकड़ और हेक्टेयर की इकाई में भ्रम न हो।
- बुवाई का तरीका और स्थानीय सलाह के अनुसार आवश्यक बीज मात्रा।
- यदि उपचारित बीज है तो उसकी पहचान तथा लेबल के सुरक्षित उपयोग निर्देश।
बीज की मात्रा किसी एक देशव्यापी अंक से तय करने के बजाय किस्म, बीज गुणवत्ता और बुवाई की परिस्थिति के अनुसार पूछें। दुकान के मौखिक दावे को लिखित किस्म विवरण से मिलाने की आदत रखें।
खेत, मशीन और खर्च की तैयारी
काम शुरू करने से पहले मिट्टी की वर्तमान नमी, पिछली फसल के अवशेष, मशीन की उपलब्धता और खेत तक पहुँच की स्थिति देखें। मशीन संचालक से क्षेत्रफल तथा तय की गई बीज मात्रा के अनुसार सेटिंग की जाँच कराएँ। खाद और पोषण की योजना मिट्टी परीक्षण तथा स्थानीय सिफारिश से बनवाएँ; बिना जानकारी एक तय मिश्रण पूरे खेत में लागू न करें।
अपनी लागत सूची में बीज, खेत की तैयारी, बुवाई, उपलब्ध सिंचाई, मजदूरी और आगे की कटाई शामिल करें। खर्च का भुगतान कब करना होगा, यह भी लिखें ताकि बीच में जरूरी काम न रुके।
भाव का उपयोग करें, गारंटी न मानें
गेहूँ के दर्ज मंडी भाव देखते समय तारीख और बाजार पढ़ें। पिछला भाव अगली कटाई का पक्का बिक्री मूल्य नहीं है। फसल बेचने की तैयारी में डिलीवरी कैलकुलेटर से अपनी ढुलाई जोड़ें। बुवाई का फैसला स्थानीय उपयुक्तता, भरोसेमंद पानी और पूरे खर्च को देखकर करें।



